हजारीबाग – बड़कागांव के विधायक रौशनलाल चौधरी ने बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के विस्थापितों, प्रभावितों और ग्रामीणों के हक-अधिकार के लिए महाशिवरात्रि की सुबह एक नया संकल्प लिया। उन्होंने झारखंड विधानसभा के छठे बजट सत्र के तीसरे दिन सदन में क्षेत्र में फैले भ्रष्टाचार और विस्थापितों के साथ हो रहे अन्याय पर खुलकर बात रखी।
चौधरी ने सदन में बताया कि सरकार और प्रबंधन द्वारा बनाए गए नियम केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं और धरातल पर उनका कोई असर नहीं दिखता, जिससे ग्रामीण विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने भू-अर्जन अधिनियम, भू-पुनर्वास, पुनर्व्यवस्थापन, उचित प्रतिकार और पारदर्शिता के अधिकार जैसे कानूनों की बात करते हुए कहा कि यदि इनका सही से पालन होता, तो विस्थापित और प्रभावित लोग आज इस पीड़ा से नहीं गुजर रहे होते।
उन्होंने जोर देकर कहा कि इन कानूनों के तहत विस्थापितों और ग्रामीणों को उनका हक और अधिकार मिलना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने सरकार की नियमावली के अनुसार 75% स्थानीय लोगों को नियोजन में शामिल करने की भी मांग की।
रौशनलाल चौधरी के इस कदम को बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के लोगों को नई दिशा और दशा देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
रिपोर्ट क्रेडिट सुनील कुमार ठाकुर