नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा शुरू की गई ‘बिहार अधिकार यात्रा’ एक राजनीतिक रणनीति है, जो आगामी विधानसभा चुनावों और जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
यात्रा की शुरुआत मंगलवार जहानाबाद से शुरू हुई तेजस्वी ने कहा कि ये “वो नीतीश कुमार नहीं हैं”, जो पहले मोदी के खिलाफ बोलते थे। आरोप लगाया कि अब नीतीश कुमार को मोदी जी के “पैर छूने” पड़ रहे हैं, यानी राजनीतिक आत्मसम्मान खत्म हो चुका है।
भाजपा पर आरोप
भाजपा पर नीतीश कुमार को हाईजैक करने का आरोप लगाया।दावा किया कि भाजपा नीतीश को बिहार से बाहर करने की कोशिश में है।
दो गुजराती बिहार चला रहे हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की ओर इशारा करता है। इसका मकसद यह दिखाना है कि बिहार की सत्ता अब बाहरी ताकतों के इशारे पर चल रही है। नीतीश सरकार को बताया ‘नकलची’:
जहानाबाद की सभा में उन्होंने नीतीश सरकार को “नकलची सरकार” कहा – यानी जो अपने बलबूते पर नहीं बल्कि दूसरों की योजनाओं की नकल करती है।
बिहार अधिकार यात्रा पर बोले राजद एमएलसी कारी सोहैब
नया बिहार बनाने का संकल्प है बिहार अधिकार यात्रा युवाओं को उनके हक की नौकरी और सम्मानजनक रोजगार महिलाओं को सशक्तिकरण और पूरा अधिकार शिक्षकों और कर्मचारियों को सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व उद्योग और कारोबार को साफ नीतियां और मजबूत आधार शिक्षा और स्वास्थ्य को गुणवत्ता। यह सिर्फ यात्रा नहीं,यह बदलाव की शुरुआत है। यह अधिकारों की आवाज़ है यह नया बिहार है।

